Quantum Internet is Finally Here!
2024–2025 में चीन, अमेरिका, यूरोप और भारत ने शुरू किया Unhackable Internet
क्वांटम इंटरनेट क्या है और क्यों है “अनहैकेबल”?
आज का इंटरनेट बिट्स (0 या 1) में डेटा भेजता है – इन्हें चुपके से कॉपी किया जा सकता है।
क्वांटम इंटरनेट क्यूबिट्स (फोटॉन्स) इस्तेमाल करता है जो सुपरपोजिशन और एंटैंगलमेंट के साथ। अगर कोई हैकर बीच में झाँकने की कोशिश करता है, तो क्वांटम स्टेट तुरंत बदल जाती है और अटैक पकड़ा जाता है।
इसकी मुख्य टेक्नोलॉजी है Quantum Key Distribution (QKD) – दुनिया की पहली फिजिकली सिक्योर एन्क्रिप्शन की।
2024–2025: जब क्वांटम इंटरनेट रियल हुआ
1. चीन – दुनिया का सबसे बड़ा क्वांटम नेटवर्क
- 12,000+ किमी फाइबर + 3 क्वांटम सैटेलाइट्स
- 2024: बीजिंग-शंघाई क्वांटम लिंक पूरी तरह अपग्रेड
- जनवरी 2025: दुनिया का पहला स्पेस-ग्राउंड इंटीग्रेटेड क्वांटम नेटवर्क लॉन्च
- चीनी बैंक और सरकारी ऑफिस रोज़ाना इसका इस्तेमाल कर रहे हैं
2. यूरोप – सबसे कोऑपरेटिव प्रोजेक्ट
- EuroQCI – 27 देश + ESA मिलकर बना रहे हैं
- 2024: नीदरलैंड्स में दुनिया का पहला सिटी-स्केल क्वांटम नेटवर्क (डेल्फ़्ट-हेग-एम्स्टर्डम)
- 2025: स्पेन, जर्मनी, इटली, पोलैंड के नेशनल टेस्टबेड्स जुड़े
- जून 2025: ऑस्ट्रिया-चेक रिपब्लिक के बीच 400+ किमी एंटैंगलमेंट लिंक
3. अमेरिका – स्पेस + कम्युनिकेशन और कमर्शियल फोकस
- 2024: शिकागो क्षेत्र में 1000+ किमी DOE क्वांटम नेटवर्क
- 2025: अमेरिका की पहली कमर्शियल क्वांटम-सिक्योर्ड पावर ग्रिड (Chattanooga)
- AWS, Quantum Xchange और Aliro अब QKD-as-a-Service बेच रहे हैं
4. भारत का शानदार योगदान
• दिल्ली-मेरठ 130 किमी QKD लिंक (DRDO + IIT Delhi)
• IISc ने 1 मिलियन एंटैंगल्ड फोटॉन पेयर/सेकंड का सोर्स बनाया
• अहमदाबाद-हैदराबाद 1300 किमी लिंक 2026 में चालू
• ISRO का क्वांटम सैटेलाइट 2027-28 में लॉन्च होगा
2025 में पहले से चल रहा इस्तेमाल
- चीनी और स्विस बैंकिंग ट्रांजैक्शन्स
- यूरोप में हेल्थकेयर डेटा ट्रांसफर
- भारत में डिफेंस कम्युनिकेशन टेस्टिंग
आगेम अभी शुरू हुआ है – आगे क्या?
- 2026–2028: क्वांटम रिपीटर्स → अनलिमिटेड डिस्टेंस
- 2030 तक: ग्लोबल क्वांटम क्लाउड कंप्यूटिंग और डिस्ट्रिब्यूटेड क्वांटम सेंसर्स
Written for your physics blog │ December 2025

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